सिद्धांत विहीन राजनीति के दुष्परिणाम के कारण राजनेता माला-माल नौकरशाह खुश-हाल जनता फटे -हाल है। लोक राज्यम पार्टी ने व्यवस्था परिवर्तन एवं देश की जनता को सम्मान एवं अधिकार देने का बीड़ा उठाया है।
सिद्धांत विहीन राजनीति के दुष्परिणाम के कारण राजनेता माला-माल नौकरशाह खुश-हाल जनता फटे - हाल है। लोक राज्यम पार्टी ने व्यवस्था परिवर्तन एवं देश की जनता को सम्मान एवं अधिकार देने का बीड़ा उठाया है।
1. वोट के बदले नोट लेने का मतदाता का अधिकार - देश की मालिक जनता है मतदाता ही सरकार है। एम.पी.,एम.एल.ए. जनता के प्रतिनिधि है। अधिकारी और कर्मचारी जनता के नौकर है। अतएव सकल घरेलू उत्पाद में प्राकृतिक सम्पदाओं से प्राप्त राष्ट्रीय आय में प्रत्येक मतदाता को प्रतिमाह 4000/- रूपये मतदातावृत्ति (वोटरशिंप) पाने का अधिकार है। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय देने की बात तथा अनुच्छेद 39 (ख) प्राकृतिक सम्पदाओं पर सबका समान अधिकार एवं अनुच्छेद 39 (ग) वित्त के समान वितरण का अधिकार देता है।
2. उद्योग कम्पनियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानो मे सरकारी नियम - सरकारी, निजी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में वेतनमान, सेवा शर्ते, कार्य दिवस विद्यालयों की भाॅति 6 घण्टे का होगा। जी0एस0टी0 का समापन होंगा।
3. घूस घोटाला एवं कमीशन खोरी रोकने का उपाय - गरीबी रेखा के अनुपात में अमीरी रेखा बनेगी,काला धन हड़पकर विदेशी कर्ज की अदायगी होगी, सम्पत्ति घोषणा का प्रतिवर्ष प्रकाशन होगा विकास निधियो का समापन होगा।
4. जनप्रतिनिधि कानून में परिवर्तन - वोट डालने वाले मतदाताओं को एक हजार रूपये मतदाता प्रोत्साहन राशि मिलेगी। प्रस्तावकों की संख्या एक होगी 50 गुना बढ़ा नामांकन शुल्क समाप्त होगा। पंचायत चुनाव की भांति लोकसभा ,विधान सभा में सीटो का चक्रीय क्रम में परिवर्तन होगा। नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी भरायेगा।
5. सभी प्रत्याशियो को नामांकन के बाद चुनाव चिह्न - जिस प्रकार संस्थागत और व्यक्तिगत छात्रों को परीक्षा के समय प्रश्न पत्र दिये जाते है उसी प्रकार नामंाकन के बाद सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न मिलेंगे।
6. वोटिंग मशीन नहीं मतपत्र का प्रयोग - वोटिंग मशीन में विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता नहीं है दुनिया के अमीर देश इसे नकार चुके है। भारत मंे राष्ट्रपति और पंचायत चुनाव मतपत्र से होता है।
7. प्रजातांत्रिक स्तम्भो में सभी वर्गो की भागीदारी - जनसंख्या के अनुपात में विशेष अभियान चलाकर 5 वर्ष मे आरक्षण पूरा कर दिया जायेगा। संतुलन बनायें रखने हेेतु ग्राम और नगर की जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी होगी।
विधायिका - कानून बनाना इसलिए एम.पी., एम.एल.ए. मंत्रीगण जिलापंचायत अध्यक्ष,ब्लाक प्रमुख पद सभी वर्गों की जनसंख्या के अनुपात मे अरक्षित होंगे जिससे वे अपने सम्मान एवं अधिकार प्राप्ति का कानून बना सके।
कार्यपालिका - कानून को लागू करना इसलिए वर्गीय आधार पर सचिव निदेशक कमिश्नर, डी.एम., एम.डी.एम., वी.डी.ओ. एवं सभी विभागीय अधिकारी होगे, मनरेगा मजदूर एवं राष्ट्राध्यक्ष के वेतन मान 1:10 का अनुपात होगा।
न्याय पालिका - समीक्षा करना महामहिम डॅा. के. आर. नारायणन ने कहा था “कि न्यायपालिका जुआ घर बन गयी है। इससे न्याय की आशा करना अपने आप को धोखा देना है। अतएव न्यायिक आयोग बनेगा देर से मिला न्याय अन्याय में बदल जाता है। इसलिए राज्य स्तर पर सुप्रीम कोर्ट मण्डल स्तर पर हाई कोर्ट तहसील स्तर पर दीवानी एवं फौजदारी की अदालते होगी। प्रत्येक अदालत को एक वर्ष में फैसला सुनाने का कानून बनेगा। न्याय पंचायतो पर प्रशासनिक अधिकारीयों के कैम्प लगेगे।
(अ) पत्रकारिता - प्रचार करना मीडिया आयोग बनेगा वेतनमान एवं सेवा शर्तो का निर्धारण होगा। रेडियों दूरदर्शन एवं समाचार पत्र संचालको को सामान्य निर्वाचन मे भाग लेने वाले राजनैतिक दलो से 75% का संतुष्टि प्रमाण पत्र लेना होगा।
8. भारतीय दण्ड संहिता में परिवर्तन - अंग्रेजी शासन काल 1860 की बनी दण्ड संहिता बदली जायेगी। प्राथमिकी (एफ.आई.आर.) दर्ज करना अनिवार्य होगा। मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना प्राथमिकी या शंका के आधार पर जेल मंे डालना, काउन्टर करना दण्डनीय अपराध होगा। नागरिक जानवर नही है। इसलिए दण्डाविहीन पुलिस होगी। होमगार्ड की तैनाती थाने,चैराहे तथा अधिकारियों के आवास के बजाय रात में गाव सभा के पंचायत भवन पर होगी। इनका वेतन एवं सेवा शर्ते निर्धारित होगी।
9. अत्याचार निवारण कानून - एस.सी., एस.टी. की भांति अति पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण कानून एवं अतिपिछड़ा वर्ग मंत्रालय बनेगा।
10. आरक्षण आयोग बनेगा - आरक्षित वर्गों एवं सभी वर्ग की महिलाओं को राजनीति नौकरी एवं शिक्षा में जनसंख्या के अनुपात में प्राप्त पर्याप्त प्रतिनिधित्व का मूल्यांकन करेगा सभी आरक्षित वर्गो के लिए लोकसभा, विधानसभा की दोनो सदनो में सींटे आरक्षित होगी। एक बार आरक्षण पा चुके व्यक्तियों और उनके उत्तराधिकारियो को आरक्षण का लाभ नही मिलेगा। जिससे अन्य व्यक्तियों को अवसर मिल सके।
11. महिलाओं का वर्गीय आरक्षण - सभी वर्ग की महिलाओं को राजनीति नौकरी एवं शिक्षा मे भागीदारी सुनिश्चित होगी राजनैतिक नामांकन शुल्क आधा होगा।
12. नौकरियो में भर्ती प्रक्रिया - सोर्स एवं घूस के कारण योग्यता पैर की जूती बन गयी है। नकल एवं पक्षपात के कारण शैक्षिक योग्यता एवं साक्षात्कार सन्देह के घेरे मे आ गयी है। इसलिए प्रतियोगिता परीक्षा में उम्र जोड़कर प्रदेश स्तर पर मेरिट लिस्ट बनेगी। परीक्षायें जून माह में गृह जनपद में होगी आवेदन पत्र जनवरी माह मे सेवा योजन कार्यालय में जमा होंगे। महिलाओ एवं आरक्षित वर्ग का शुल्क आधा होगा।
13. शिक्षित बेरोजगारो को अनुदान - कोई भी सरकार सबको नौकरी नही दे सकती है अतएव योग्यता के अनुसार स्वरोजगार अनुदान मिलेगा।
14. कृषि पशुपालन एवं बागवानी - कृषि संसाधन, खाद, बीज, दवा, बिजली, पानी पर 50 % की छूट होगी चरागाहो या बचत भूमि पर पशुशाला बनेगी। जहां छुट्टा जानवरों को रखा जायेगा पशुमित्र रखे जायेगे। सड़क के किनारे लगे वृक्ष सामने वाले व्यक्ति का होगा। वृक्ष काटने की अनुमति ग्राम पंचायत नगर पालिका से ली जायेगी। ग्राम सभा का नक्शा विद्यालय एवं पंचायत भवन पर बना होगा।
15. नक्सलवाद का अन्त - जंगल, पहाड़ पठार, एवं खनिज पदार्थो पर आदिवासियों एवं वन वासियों की 50% की भागीदारी होगी।
16. सम्पूर्ण शिक्षा मुफ्त एवं राष्ट्रीयकृत - कक्षा 8 तक प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य होगी विश्वेविद्यालय परीक्षा परिषद बनेगी। सभी वर्गो को छात्रवृत्ति मिलेगी। समान शिक्षा पाठ्य क्रम होगा। मान्यता एवं अनुदान एक साथ मिलेगा। शिक्षा सत्र जुलाई होगा।
17. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाये मुफ्त - मण्डल स्तर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय और जिला स्तर मेडिकल कालेज होगा। प्राइवेट अस्पतालों को मान्यता एवं अनुदान एक साथ मिलेगा। मरीज अभिभावको से चिकित्सक को 75% का संतुष्टि प्रमाण पत्र लेना होगा।
18. यातायात - रेलगाड़ियों में 50 % जनरल डिब्बे सफेद रंग के होगे। टिकट डिब्बे में ही बनेगा। प्रत्येक मार्ग पर दो पैसेजर दो फास्ट पैसेजर एवं मेल -ट्रेन क्षमता के अनुसार चलेगी। सड़क परिवहन - आटो रिक्शा एवं टैक्यिां टोकेन एवं टैक्स फ्री होगी। परमिट राज खत्म होगा। ड्राइवरों को गाड़ी खरीदने हेतु बिना मार्जिन मनी कर्ज मिलेगा परिवहन अधिकारी को गाड़ी मालिकों / ड्राइवरो से 75% का संतुष्टि प्रमाण पत्र लेना होगा पुलिस द्वारा गाड़ी का कागज चेक करना थाने पर गड़ियां खडी कराना दण्डनीय अपराध होगा।
19. मतदाताओं को भ्रष्ट नौकरशाहों के निष्कासन का अधिकार - शासन की नीतियों को नौकरशाह लागू करता है। इसलिए प्रत्येक सामान्य निर्वाचन में इन्हें मतदाता से 75% का मत हासिल करना होगा। जिससे जनता के प्रति जवाब देह हो सके।
20. निर्वाचन अधिकारी का मूल्यांकन - चुनाव लड़ने वाले राजनैतिक दलों से चुनाव प्रेक्षक एवं रिटर्निग आफीसर को 75% का संतुष्टि प्रमाण पत्र लेना होगा।
21. जाम एवं प्रदूषण की समस्या का समाधान - आज ओबर ब्रिज बनने के बाद भी जाम एवं प्रदूषण की समस्यायें जस की तस बनी है। इसलिए रेलवे माल गोदाम, थोक, व्यापार, मण्डियां कोल्ड स्टोरेज नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर दूर स्थानातरित होंगे।
22. सत्ता का विकेन्द्रीकरण - दिल्ली और हैदराबाद दो राष्ट्रीय राजधानी होगी छः माह के अन्तराल पर राष्ट्रपति और लोकसभा ,उपराष्ट्रपति और राज्यसभा उत्तर दक्षिण बैठेगे। प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र को जिला प्रत्येक विधान सभा को तहसील का दर्जा मिलेगा इनके मुख्यालय पर कार्यालय बनेगे। जिला पंचायत क्षेत्र पर ब्लाक बनेगे। मतदाता वृद्धि के कारण लोकसभा एवं विधानसभा क्षेत्री की संख्या दूनी होगी।
23. जल एवं विद्युत नीति - जल ही जीवन है। शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होगी 20 घण्टे बिजली देना अनिवार्य होगा। जवाब देही तय होगी।
24. समाज कल्याणकारी नीतियां - एन.जी.ओ. में सरकारी नियम लागू होगे पूर्ण शराब बन्दी प्रत्येक जनगणना के बाद गांवो में चकबन्दी एवं शहरों में हक बन्दी लागू होगी। एक व्यक्ति एक आवास एक व्यक्ति एक व्यवसाय का कानून बनेगा, किराये पर बने मकानो का अधिग्रहण होगा, नोट बन्दी की समीक्षा होगी मनरेगा मजदूर, दैनिक मजदूर खेतिहर मजदूर रिक्शा ठेला चालक राज मिस्त्री आदि का श्रम विभाग में पंजीकरण कराकर सरकारी लाभ मिलेगा सरकारी अभिलेखो में गलती पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी पर जुर्माना सजा एवं सेवा समापन तक कार्यवाही होगी पंचायत भवन पर राजस्व और पंचायत राज कर्मी प्रत्येक बुधवार को बैठेंगे |
जो कहेंगे वही करेंगे जो करेंगे वही बोलेंगे, जय मिथिला जय मैथिली
चलो चले मिथिला चलें और मिथिला को आजाद करें
मिथिला राज्य में 33 फैक्ट्री शुरू करवाना है और नौजवान को रोजगार देना है, शिक्षा व्यवस्था को सुधारना है, स्वास्थ विभाग को सुधारना है, महिला को घर घर रोजगार पहुचाना है
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मिथिला को आज़ाद कराने के लिए मिथिला में मैथिलि भाषा को सभी सरकारी या प्राइवेट में संसथान लागू करने के लिए मिथिला के शिक्षित नौजवान को जागरूक होने की आवश्यकता है
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मिथिलांचल के समग्र के लिए लोक राज्य होगा और गुंडे मवाली का खात्मा होगा, मिथिला को दहेज़ मुक्त किया जायेगा
Read Moreजो कहेंगे वही करेंगे जो करेंगे वही बोलेंगे, जय मिथिला जय मैथिली चलो चले मिथिला चलें और मिथिला को आजाद करें
हम सुधारों को लागू करने और उम्मीदवारों का चुनाव करने के लिए अभियानों में निवेश करते हैं ताकि हमारे देश की सबसे बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए सही नेताओं को सही प्रोत्साहन मिले।
१. जनसंख्या:- 13 करोड़ बिहार जनसंख्या में नंबर 2 पर है।
२. गरीबी :- बिहार भारत का 2 दूसरा सबसे गरीब राज्य है। अभी भी 4 करोड़ से अधिक लोग (वीपीएल) गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं इतना बड़ा राज्य लेकिन फिर भी समृद्धि नहीं।
३. शिक्षा:- बिहार शिक्षा की गुणवता में अंतिम स्थान पर है अभी भी बिहार में 5 करोड़ से अधिक लोग निरक्षर है।
५. भ्रष्टाचार :- बिहार भारत का दूसरा सबसे भ्रष्ट राज्य है।
६. न्यायपालिका:- भारत के विभिन्न न्यायालयों में उत्तम लंबित मामले (40 लाख) बिहार से है।
७. नोकरिया:- बिहार में बेरोजगारी दर 46.5 % बहुत ही अधिक है। नौकरी के अवसर नहीं। शिक्षित युवा बेरोजगार है।
८. प्रवासन दर:- बिहार से प्रवास दर बहुत अधिक है। क्यों हमें नौकरी पाने के लिए अपना राज्य छोड़ना पड़ता है।
जनता का विकल्प एक ही पार्टी लोकतांत्रिक लोक राज्यम पार्टी*
अमित कुमार चौधरी
संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष
लोकतांत्रिक लोक राज्यम पार्टी
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